विद्यालय परिचय



आपको व आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं


विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अंतर्गत आज देशभर में 30 हजार से अधिक औपचारिक व अनौपचारिक शिक्षा संस्थान चलाये जा रहे हैं | इन्ही शिक्षा दीपों की पावन श्रृंखला के एक चरण के रूप में भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर की स्थापना माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के कर कमलो कमलों द्वारा 4 दिसम्बर 1994 में हुई, जो आपके सहयोग व सुभकामनाओंसे नौएडा के श्रेष्ठ विद्यालयों में अग्रणी भूमिका में है | हमारा लक्ष्य भविष्य के ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है, जो शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्ण विकसित हो तथा जो जीवन की चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सके और देश के लिए पूर्ण समर्पित हो |

 

कार्य परिचय

 

आप भली-भाँति परिचित हीं हैं कि यह विद्यालय समाज के हर वर्ग के छात्र/छात्राओं को बिना किसी भेदभाव के शिक्षा देने के लिए कृत संकल्प है | नौएडा महानगर में न्यूनतम शुल्क लेकर जिन सुविधाओं और विशेषताओं के साथ हम कार्यरत हैं, उनमें प्रमुख है - पंचपदी शिक्षा पद्धति, संस्कारक्षम वातावरण, सतत मूल्याङ्कन पद्धति, स्मार्ट क्लास का प्रयोग, सुसज्जित प्रयोगशालाएं, शिविर एवं देशदर्शन के माध्यम से व्यवहारिक शिक्षा, विशाल भवन, उत्कृष्ट पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब व विशाल क्रीडा स्थल, प्रकाशयुक्त हवादार कक्षा कक्ष, शिक्षाविदों, समाजसेवियो एवं अन्य बुद्धिजीवियों का प्रतिनिधित्व| विद्यालय में 1450 छात्र/छात्राएं अध्ययनरत हैं एवं परीक्षा परिणाम लगभग शत-प्रतिशत रहता है| साथ ही खेलकूद, ज्ञान-विज्ञान एवं अन्य प्रतियोगिताओं में भी विद्यालय के छात्र/छात्राओं को सम्मानजनक स्थान प्राप्त होते रहते हैं|